Thursday, January 31, 2019


आज इंसान बनने का वादा करो

क़ौम के नाम पर
क़ौम के रहबरो
आज इंसान बनने का वादा करो

सख़्त नाचार है कौम वीरान है
क़ौम की जिंदगी ग़म का तूफ़ान है

बच न पाओगे तुम
क़ौम के साथ ही
डूब जाओगे तुम
क़ौम ज़िन्दा रहे
तुम भी ज़िन्दा रहो
क़ौम के नाम पर
क़ौम के रहबरों

आज इंसान बनने का वादा करो

सख़्त कमज़ोर है, आज बीमार है
जान होंतो पे है खून दरकार है
कौम के जिस्म से क़तरा क़तरा लहू
तुमने चाटा है जो
वक्त की मांग है
आज वापिस करो
क़ौम ज़िन्दा रहे

तुम भी ज़िन्दा रहो
क़ौम के नाम पर
क़ौम के रहबरों
आज इंसान बनने का वा’दा करो
जग रहे हैं तख़य्युल में जो ख़्वाब से
उनको झुलसो न नफ़रत के तेज़ाब से
वक्त नाज़ुक सही , राह मुश्किल सही
साथ मिलकर चलो
आज भी वक्त है
कौम को थाम लो
क़ौम ज़िन्दा रहे

तुम भी ज़िन्दा रहो
क़ौम के नाम पर
क़ौम के रहबरों
आज इंसान बनने का वा
दा करो
लोग आपस में मिलने को बेताब हैं
प्यार के फूल खिलने को बेताब हैं
छोड़ कर बुग्ज़-ओ-नफ़रत की पगडंडिया
साथ मिलकर चलो
कौम को फिर नई
ज़िन्दगी बख़्श  दो
क़ौम ज़िन्दा रहे

तुम भी ज़िन्दा रहो
क़ौम के नाम पर
क़ौम के रहबरों
आज इंसान बनने का वादा करो  
 

Drkumarmalhotrapanipati

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